अकादमी पुस्तकालय योजना नियम

उद्देश्य

  1. अकादमी में सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना।
  2. शोधकर्ताओं व अन्य पाठकों तथा भाषा संस्कृति विभाग, अकादमी के अधिकारियों/
    कर्मचारियों को पुस्तकें उपलब्ध करवाना।
  3. हिमाचली लेखकों द्वारा रचित पुस्तकों की खरीद करके संग्रह करना तथा हिमाचल की कला, संस्कृति, भाषा से सम्बन्धित अधिकाधिक पुस्तकों के साथ अन्य उपयोगी पुस्तकों का संग्रह करना।
  4. प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों तथा दुर्लभ पुस्तकों का संग्रह करना।
  5. साहित्य कला, संस्कृति और भाषा पर केन्द्रित पत्र-पत्रिकाओं को आवष्यकतानुसार पुस्तकालय के लिए खरीदना तथा पाठकों को पुस्तकालय में उपलब्ध करवाना।

सदस्यता

  1. षोधकर्ताओं, साहित्यकारों व सामान्य पाठकों को अकादमी पुस्तकालय की सदस्यता दी जाएगी।
    1. सदस्यता शुल्क 100 रुपए तथा प्रतिभूति राषि 500 रुपए होगी।
  2. अकादमी में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी पुस्तकालय की सुविधा का लाभ
    निःषुल्क उठा सकेंगे।
  3. पुस्तकें न लौटाने या खराब करने पर सचिव अकादमी को प्रतिभूति राषि जब्त करने का अधिकार होगा।
  4. प्रतिभूति राषि एक वर्ष की अवधि के बाद सदस्य द्वारा मांगने पर वापिस की जा
    सकती है। तदुपरांत उसकी सदस्यता समाप्त हो जाएगी।
  5. अकादमी के अधिकारियों/कर्मचारी द्वारा पुस्तकें न लौटाने पर सचिव अकादमी द्वारा उनके वेतन से कटौती करके पुस्तकों के मूल्य की भरपाई की जाएगी।

सामान्य नियम

  1. अकादमी की पत्रिकाएं तथा पुस्तकें अकादमी पुस्तकालय में विक्रय के लिए उपलब्ध
    रहेंगी।
  2. पुस्तकालय के लिए हिमाचली लेखकों द्वारा रचित पुस्तकें और हिमाचल की कला,
    संस्कृति, भाषा व इतिहास से सम्बन्धित तथा अन्य प्रकाषित पुस्तकों की दो-दो प्रतियां कम से कम 10 प्रतिषत छूट पर अकादमी पुस्तकालय के लिए बजट की उपलब्धता के अनुसार खरीदी जाएंगी।
  3. एक सदस्य को अधिकतम दो पुस्तकंे एक मास के लिए पुस्तकाल्याध्यक्ष द्वारा
    स्वविवेक से जारी की जाएंगी। आवष्यकता पड़ने पर पुस्तकाध्यक्ष को किसी भी सदस्य से किसी भी पुस्तक को वापिस मंगवाने का अधिकार होगा।
  4. संदर्भ ग्रंथ, पांडुलिपियां, दुर्लभ पुस्तकें सदस्यों को पुस्तकालय में बैठकर ही पढ़नी
    होंगी।
  5. पुस्तकालय की सम्पत्ति का नुकसान करने पर किसी भी सदस्य को पुस्तकालयाध्यक्ष की संस्तुति पर सचिव अकादमी को जुर्माना करने का अधिकार होगा।
  6. अकादमी की पुस्तक थोक खरीद योजना के अंतर्गत प्रत्येक पुस्तक की प्राप्त प्रविष्टियों की दो-दो प्रतियां, साहित्य पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्राप्त पुस्तकों की प्रविष्टियों की एक-एक प्रति, पुस्तक प्रकाषनार्थ वित्तीयानुदान के अंतर्गत प्राप्त पुस्तकों की पांच-पांच प्रतियां, अकादमी द्वारा स्वयं व रायल्टी के आधार पर निजी प्रकाषकों द्वारा प्रकाषित पुस्तक योजना के अंतर्गत दो-दो प्रतियां, साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं को प्रकाषनार्थ वित्तीय अनुदान योजना के अंतर्गत प्रकाषित दो प्रतियां तथा साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं एवं स्मारिकाओं को विज्ञापन योजना नियम के अंतर्गत प्रकाषित पत्रिकाएं एवं स्मारिकाओं की एक-एक प्रति तथा पुस्तकालय हेतु दान में प्राप्त पुस्तकें तथा पांडुलिपियां भी अकादमी पुस्तकालय में सम्मिलित की जाएंगी। परियोजना अनुदान योजना के अंतर्गत अप्रकाषित शोधग्रंथ भी पुस्तकालय में दर्ज किए जाएंगे।

नियमों में संषोधन

इन नियमों में संषोधन करने का अधिकार कार्यकारी परिषद का होगा।