पत्रिका प्रकाशन योजना नियम

उद्देश्य

पत्रिका प्रकाषन के माध्यम से कला, संस्कृति, भाषा और साहित्य का संरक्षण एवं संवर्धन।
अकादमी द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में प्रस्तुत शोध पत्र आदि का प्रकाश्न।

पत्रिकाएं

  1. हिन्दी भाषा में त्रैमासिक पत्रिका ‘सोमसी‘
  2. पहाड़ी भाषा में अर्द्धवार्षिक पत्रिका ‘हिमभारती‘
  3. संस्कृत भाषा में अर्द्धवार्षिक पत्रिका ‘श्यामला‘

आकार-प्रकार

तीनों पत्रिकाओं का आकार-प्रकार निम्न प्रकार से होगा:-

  1. 20‘‘× 26/8
  2. सामान्यतः एक अंक 80 से 96 पृष्ठ
  3. बाहरी एवं भीतरी आवरण आवष्यकतानुसार बहुरंगी रहेगा। अंदर, चार से आठ पृष्ठों में बहुरंगी छायाचित्रों का प्रयोग किया जा सकता है, जिसका निर्णय पत्रिका के सम्पादक के प्रस्ताव पर सचिव अकादमी लेंगे।
  4. आठ से अधिक अथवा समस्त पृष्ठ बहुरंगी करने का निर्णय कार्यकारी परिषद लेगी।
  5. पत्रिकाओं की सृजानात्मक ट्रीटमेंट के संबंध में त्रैमासिक पत्रिका के लिए वर्ष में दो बार तथा छमाही पत्रिका के लिए वर्ष में एक बार निम्न सदस्यों की समिति द्वारा विचार.विमर्ष कर आगामी उचित निर्णय लिया जा सकेगा:-
निदेशक, भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश एवं उप सभापति, अकादमी कार्यकारी परिशदअध्यक्ष
सचिव अकादमीसदस्य
संबंधित पत्रिका के संपादकसदस्य

6. पत्रिका के संयुक्तांक अथवा विषेषांक प्रकाषित करने तथा इसमें पृष्ठों की संख्या निर्धारित करने का निर्णय भी उक्त समिति द्वारा लिया जाएगा।

पत्रिकाओं एवं इन्हें पुस्तकाकार रूप देने की स्थिति में प्रतियों की संख्या

  1. ‘सोमसी‘ एवं ‘हिमभारती‘ पत्रिकाओं के प्रत्येक अंक अथवा संयुक्तांक की सामान्यतः 300 और ‘ष्यामला‘ पत्रिका की 200 प्रतियां प्रकाषित की जाएंगी। आवष्यकतानुसार अधिक प्रतियां प्रकाषित करने का निर्णय भी उक्त समिति द्वारा लिया जाएगा।
  2. पत्रिकाओं के विषेषांक प्रकाषित करने की स्थिति में इनकी अधिक प्रतियां प्रकाषित की जा सकेंगी, जिनकी संख्या तथा पुस्तकाकार रूप देने में पुस्तकों की प्रतियों की संख्या भी उक्त समिति द्वारा निर्धारित की जाएगी। प्रकाषक
    सचिव अकादमी पत्रिकाओं के प्रकाषक होंगे।

प्रकाषन समिति

  1. पत्रिकाओं का मुद्रण, मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग, हिमाचल प्रदेष अथवा कार्यकारी परिषद द्वारा लिए गए निर्णयानुसार निजी मुद्रकों से न्यूनतम निविदाओं के आधार पर करवाया जाएगा।
  2. निविदाओं की स्वीकृति प्रकाषन समिति देगी, जिसमें निम्न सदस्य होंगे:-
  3. निदेषक, भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेष
    एवं उपसभापति, कार्यकारी परिषद अध्यक्ष
  4. मुद्रण एवं लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेष का प्रतिनिधि।
  5. वित्त विभाग, हिमाचल प्रदेष का प्रतिनिधि अथवा
    भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेष का एस.ए.एस. अधिकारी
  6. कार्यकारी परिषद का एक सदस्य सदस्य
  7. सामान्य परिषद का एक सदस्य सदस्य
  8. अकादमी का आहरण एवं वितरण अधिकारी
  9. सचिव अकादमी सदस्य सचिव
  10. खुले बाज़ार से पत्रिकाओं के पृष्ठ टंकित/कंपोज्ड करवाने के लिए निविदाओं की स्वीकृति सचिव अकादमी देंगे।

पत्रिकाओं का संपादन

  1. संपादन कार्य योग्यताओं और अनुभव को देखते हुए अकादमी के अधिकारियों को सौंपा जाएगा और सचिव अकादमी मुख्य संपादक होंगे।
  2. रचनाओं के चयन तथा संपादन के लिए संपादक स्वतंत्र होंगे।

मानदेय


यह निम्न प्रकार से होगा –

  1. प्रति रचना के लिए: 1200 रुपये तक
  2. प्रति छायाचित्र के लिए: 800 रुपये तक
  3. प्रति रेखाचित्र के लिए: 100 रुपये तक
  4. मुख्य आवरण के विषेष डिजाइन के लिए: 1500 रुपये तक
  5. अकादमी के आयोजनों में पठित व प्रस्तुत सामग्री को पत्रिका में प्रकाशित करने पर पारिश्रमिक देय नहीं होगा।

मानार्थ प्रतियां


प्रत्येक पत्रिका की निम्न प्रकार से प्रतियां मानार्थ दी जाएंगी:

  1. महामहिम राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को एक प्रति।
  2. अकादमी के सामान्य परिषद तथा समितियों के सदस्यों को एक-एक प्रति।
  3. पत्रिकाओं में शामिल रचना के लेखकों, कलाकारों एवं सृजनात्मक कार्य से जुड़े अकादमी के पदस्थों को एक-एक प्रति।
  4. हिमाचल प्रदेश की विधान सभा एवं हिमाचल प्रदेश के सचिवालय के पुस्तकालयों के लिए एक-एक प्रति।
  5. विपाषा, हिमप्रस्थ, गिरिराज के संपादकों को एक-एक प्रति।
  6. भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के पुस्तकालय के लिए एक प्रति।
  7. हिमाचल प्रदेश विष्वविद्यालय एवं इसके अंतर्राष्ट्रीय दूरवर्ती षिक्षा एवं मुक्त- अध्ययन केंद्र पुस्तकालय के लिए एक-एक प्रति
  8. अकादमी पुस्तकालय के लिए दो प्रतियां।
  9. केंद्रीय साहित्य अकादमी, संगीत नाटक अकादमी, ललित कला अकादमी के पुस्तकालयों के लिए एक-एक प्रति।
  10. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पुस्तकालय एवं राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के लिए एक-एक प्रति।
  11. संपादक पांच तथा सचिव अकादमी दस प्रतियां स्वविवेक से देंगे।
  12. विशेष बैठकों, अवसरों एवं समारोहों में आवश्यकतानुसार मानार्थ प्रतियां दिए जाने का निर्णय सचिव अकादमी लेंगे।

विक्रय

  1. विक्रय ग्राहक बनाकर, फुटकर विक्रय तथा प्रदर्शनियों एवं यथासंभव विभिन्न विक्रेताओं और अकादमी के अन्य माध्यमों यथा गेयटी थिएटर आदि से कियाजाएगा।
  2. निजी व्यक्ति व संस्थान को पत्रिका के हर अंक को मिला कर अथवा एक अंक की 10 या इससे अधिक प्रतियों के एक साथ क्रय पर 25 प्रतिषत छूट देय होगी, लेकिन स्टाल व दुकान विक्रेताओं को प्रत्येक प्रति के विक्रय हेतु 25 प्रतिषत छूट दी जाएगी।

मूल्य

पत्रिकाओं का शुल्क निम्न प्रकार से होगा:-

  1. सोमसी: एक प्रति 15/- रुपये वार्षिक 60/- रुपये त्रैवार्षिक 150/- रुपये
  2. हिमभारती: एक प्रति 15/- रुपये वार्षिक 30/- रुपये त्रैवार्षिक 80/- रुपये
  3. श्यामला: एक प्रति 15/- रुपये वार्षिक 30/- रुपये त्रैवार्षिक 80/- रुपये

नियम संशोधन

इन नियमों में संशोधन का अधिकार कार्यकारी परिषद का होगा