शिखर सम्मान योजना नियम

उद्देश्य

  1. हिमाचल प्रदेश के बोनाफ़ाइड साहित्यकारों और कलाकारों को प्रदेष की पारंपरिक एवं समकालीन निष्पादन एवं ललित कला, भाषा, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक शिखर तक आजीवन एवं उत्कृष्ट योगदान और विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित करना।
  2. हिमाचल के बाहर के साहित्यकारों और कलाकारों को हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक ललित एवं निष्पादन कलाओं, लोक संस्कृति, पहाड़ी भाषा और लोक साहित्य के क्षेत्र में एक षिखर तक आजीवन एवं उत्कृष्ट योगदान और विषेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित करना।

सम्मानों की संख्या

कुल तीन सम्मान निम्न प्रकार से दिए जाएंगे:-

  1. पहला षिखर सम्मान ललित कला अथवा निष्पादन कला की विभिन्न विधाओं अथवा विधा विषेष पर दिया जाएगा।
  2. दूसरा षिखर सम्मान हिंदी अथवा पहाड़ी अथवा संस्कृत अथवा उर्दू अथवा अंग्रेजी की विभिन्न विधाओं अथवा विधा विषेष में दिया जाएगा।
  3. तीसरा षिखर सम्मान प्रदेष के बाहर के एक कलाकार अथवा साहित्यकार को प्रदेष की पारंपरिक लोक निष्पादन अथवा ललित कला अथवा लोक संस्कृति अथवा पहाड़ी भाषा और लोक साहित्य की विभिन्न विधाओं अथवा विधा विषेष में दिया जाएगा।

सम्मान राषि एवं अलंकरण

  1. प्रत्येक सम्मान की राषि 1,00,000/- रुपये होगी।
  2. प्रत्येक सम्मानित साहित्यकार/कलाकार को शाल व हिमाचली टोपी से अलंकृत किया जाएगा।
  3. सम्मान प्रतीक (जिस पर लेखक व सम्मान नाम अंकित होगा) सम्मानित साहित्यकार/कलाकार को दिया जाएगा।

योजना प्रक्रिया

‘षिखर सम्मान‘ के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित नहीं की जाएंगी। ऐसे कलाकारों एवं साहित्यकारों के नामों व उनकी विषिष्ट उपलब्धियों आदि की सूची अकादमी स्वयं तैयार करके चयन समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगी और यह समिति स्वयं भी स्वविवेक से किसी साहित्यकार व कलाकार का नाम सुझा कर उस पर विचार कर सकती है।

  1. कलाकार की पात्रता
  2. षिखर सम्मान के लिए अन्य साहित्यकारों-कलाकारों के अलावा अकादमी व भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेष द्वारा साहित्य और कला के क्षेत्र में पुरस्कृत एवं सम्मानित साहित्यकार एवं कलाकार भी पात्र होंगे।
  3. अकादमी तथा भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेष के पदस्थों के कार्यरत रहने की अवधि तक इनकी प्रविष्टियां सम्मान के लिए स्वीकार्य नहीं होंगी।
  4. निर्णायक मंडल

सम्मान के लिए निर्णायक मंडल में इसके अध्यक्ष एवं सचिव अकादमी के अतिरिक्त अन्य 6 सदस्य निम्नानुसार चयनित होंगे:

1.निदेषक, भाषा एवं संस्कृति विभाग एवं
उप सभापति, अकादमी कार्यकारी परिषद
अध्यक्ष
2.अकादमी की कार्यकारी परिषद से साहित्यकार सदस्य सदस्य
3.अकादमी की सामान्य परिषद से साहित्यकार सदस्य सदस्य
4.हिमाचल प्रदेष से राज्य/अकादमी सम्मान से सम्मानित
साहित्यकार
सदस्य
5. हिमाचल प्रदेष के विख्यात साहित्यकार सदस्य
6.साहित्य के क्षेत्र में प्रदेष से बाहर का राष्ट्रीय स्तर का
साहित्यकार/केंद्रीय साहित्य अकादमी के सचिव अथवा सदस्य
सदस्य
7.अकादमी की सामान्य परिषद से निष्पादन कला का एक सदस्य सदस्य
8.हिमाचल प्रदेष से राज्य सम्मान/अकादमी सम्मान से सम्मानित
निष्पादन कला के कलाकार
सदस्य
9. निष्पादन कला के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेष के विख्यात कलाकार सदस्य
10. निष्पादन कला के क्षेत्र में प्रदेष के बाहर के राष्ट्रीय स्तर का
कलाकार/केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी के सचिव अथवा सदस्य
सदस्य
11.अकादमी की सामान्य परिषद से ललित कला का एक सदस्य सदस्य
12.ललित कला के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेष से राज्य सम्मान/अकादमी
सम्मान से सम्मानित कलाकार।
सदस्य
13. ललित कला के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेष के विख्यात कलाकार सदस्य
14. ललित कला के क्षेत्र में प्रदेष के बाहर का राष्ट्रीय स्तर का
कलाकार/केंद्रीय ललित कला अकादमी के सचिव अथवा सदस्य
सदस्य
15. सचिव अकादमी सदस्य सचिव

निर्णायक मंडल का गठन माननीय मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेष एवं अध्यक्ष द्वारा किया जाएगा।

सम्मान की स्वीकृति

चयनित साहित्यकारों एवं कलाकारों को सम्मान देने के लिए निर्णायक मंडल द्वारा लिए गए निर्णय की अंतिम स्वीकृति माननीय मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेष एवं अध्यक्ष अकादमी द्वारा प्रदान की जाएगी। तदुपरांत सम्मान घोषित किए जाएंगे।

सम्मान समारोह

  1. ‘साहित्य पुरस्कार योजना नियम‘ की मद 14 (पुरस्कार समारोह) की तरह।

विविध नियम

  1. शेष नियम ललित कला एवं निष्पादन कला नियम के विविध नियम की तरह, लेकिन षिखर सम्मान मंे सम्मानित साहित्यकारों और कलाकारों को पुनः अकादमी का कोई भी साहित्य पुरस्कार एवं कला सम्मान प्रदान नहीं किया जाएगा।
  2. किसी भी विधा में कोई पात्र व्यक्ति न मिलने पर उस वर्ष सम्मान नहीं दिया जा सकेगा।

नियमों में संषोधन

इन नियमों में संषोधन करने का अधिकार कार्यकारी परिषद का होगा।