साधनहीन साहित्यकारों एवं कलाकारों को मासिक वृत्ति योजना

पात्रता

इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित साहित्यकार एवं कलाकार पात्र होंगे:-

  1. ऐसे साहित्यकार एवं कलाकार जिनका भाषा-साहित्य एवं किसी भी कला विधा के क्षेत्र में
    उल्लेखनीय योगदान रहा हो, परन्तु अब साधनहीन स्थिति में हैं।
  2. ऐसे विषिष्ट संस्कृतिकर्मी, जिन्होंने प्रदेश की प्राचीन लिपियों का संरक्षण एवं संवर्धन किया है
    और प्रदेश की प्राचीन संस्कृति व परंपरा को बनाए रखा है, ये भी साहित्यकार श्रेणी में होंगे।
  3. साधनहीन की परिभाषा वही रहेगी जो बी.पी.एल. वर्ग में निर्धारित होगी।
  4. साधनहीन साहित्यकार एवं कलाकार की आयु 58 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए, परन्तु
    शारीरिक/मानसिक अस्वस्थता की गम्भीरता के दृष्टिगत आयु सीमा में छूट दी जा सकती है।
  5. अन्य किसी स्रोत से पैंषन/वृत्ति लेने वाला व्यक्ति भी इस योजना का पात्र होगा।

वृत्ति

  1. इस योजना के अन्तर्गत साधनहीन साहित्कारों एवं कलाकारों को मासिक वृत्ति 1000 रुपए
    कार्यकारी परिषद के निर्णयानुसार दी जाएगी।
  2. कार्यकारी परिषद इस राषि में समयानुसार वृद्धि भी कर सकती है।
  3. साधनहीन साहित्यकार एवं कलाकार के लिए यह मासिक वृत्ति आजीवन प्रदान की
    जाएगी।

प्रक्रिया

  1. इस योजना के अधीन पात्र साहित्यकार एवं कलाकार को निर्धारित प्रपत्र पर सचिव हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी को आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
  2. साहित्यकार एवं कलाकार अथवा उनके आश्रितों को अपने क्षेत्र के प्रथम श्रेणी मेजिस्ट्रेट से आवेदक की मासिक आय का प्रमाण पत्र प्राप्त करके आवेदन के साथ प्रस्तुत करना होगा।
  3. यह मासिक वृत्ति बजट की स्थिति को देखते हुए मासिक अथवा त्रैमासिक आधार पर जारी की जाएगी।
  4. साहित्यकार/कलाकार के दिवंगत हो जाने पर उस तिथि तक बकाया पैंषन उसके कानूनी वारिस को मिलेगी।

नियमों में संषोधन

इन नियमों में संषोधन करने का अधिकार कार्यकारी परिषद का होगा।