साहित्यिक आयोजन नियम

उद्देश्य

  1. वरिष्ठ एवं नवोदित तथा समय-समय पर चयनित साहित्यकारों एवं कलाकारों को रचना पाठ, समीक्षा, सेमिनार तथा साहित्यिक विचार-विमर्ष के लिए मंच प्रदान करना।
  2. डाॅ. यषवंत सिंह परमार, लाल चन्द प्रार्थी तथा पहाड़ी गांधी बाबा कांषीराम व कार्यकारी परिषद द्वारा लिए गए निर्णयानुसार साहित्य व कला के क्षेत्र में अन्य युग पुरुष की जयंती आयोजित करना।
  3. प्रदेश की प्रमुख स्वैच्छिक संस्थाओं (पंजीकृत अथवा अपंजीकृत) एवं सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों और सभी ज़िला प्रषासन आदि के साथ मिल कर कला, संस्कृति, भाषा और साहित्य के क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करना।
  4. अन्तर्राज्यीय साहित्यिक आदान-प्रदान के उद्देष्य से स्वयं अकादमी द्वारा अथवा केंद्रीय व अन्य प्रदेषों की अकादमियों व अन्य प्रमुख स्वैच्छिक संस्थाओं (पंजीकृत अथवा अपंजीकृत) एवं सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों आदि के संयुक्त तत्त्वावधान में विभिन्न प्रदेषों के रचनाकारों को प्रदेष में आमंत्रित करके तथा प्रदेश के रचनाकारों को दूसरे प्रदेष में भेज कर साहित्यिक/ कलात्मक गतिविधियों का आयोजन करना।
  5. जनजातीय तथा लोक साहित्य के आयोजनों के माध्यम से प्रदेष की सांस्कृतिक धरोहर को सामने लाना।
  6. विभिन्न भाषाओं के साहित्य, जनजातीय साहित्य तथा लोक साहित्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर शोधपत्र पढ़वाना तथा उन पर परिचर्चा का आयोजन करना।
  7. ‘व्याख्यान‘ तथा ‘एकल रचना पाठ‘ के माध्यम से गम्भीर विषयों तथा उत्कृष्ट रचनाओं को प्रख्यात विद्वानों/रचनाकारों द्वारा प्रस्तुत करना।

मानदेय

  1. कम-से-कम लगभग दस सामान्य टंकित पृष्ठों के शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए अथवा विशयानुरूप संतोषजनक होने पर 1500 रुपये का पारिश्रमिक। शोध पत्र विषयानुरूप संतोषजनक होने का निर्णय सचिव अकादमी द्वारा लिया जाएगा।
  2. अकादमी द्वारा प्रदेश के साहित्यकारों व कलाकारों की आयोजित गोष्ठियों, साहित्यिक षिविरों, सेमिनार आदि साहित्यिक कार्यक्रमों में वरिष्ठ एवं स्तरीय साहित्यकारों एवं कलाकारों को रचना पाठ अथवा परिचर्चा के लिए 800 रुपये प्रति साहित्यकार/कलाकार, समीक्षक व अध्यक्षता करने वाले प्रति साहित्यकार-कलाकार विद्वान् को 1000 रुपये का मानदेय तथा नवोदित साहित्यकारों व कलाकारों को रचना पाठ अथवा परिचर्चा के लिए मानदेय 500 रुपये प्रति साहित्यकार/ कलाकार देय होगा।
  3. अकादमी द्वारा स्वयं आयोजित अंतर्राज्यीय कार्यक्रमों में प्रति साहित्यकार/ कलाकार वरिष्ठ एवं स्तरीय साहित्यकारों एवं कलाकारों को 1000 रुपये, समीक्षक व अध्यक्षता करने वाले प्रति साहित्यकार-कलाकार को 1200 रुपये का मानदेय तथा नवोदित साहित्यकारों व कलाकारों को 600 रुपये प्रति मानदेय देय होगा।
  4. प्रख्यात साहित्यकार, कलाकार एवं विद्वान के लगभग 1 घण्टे के ‘एकल रचना पाठ‘ अथवा विषय आधारित ‘एकल व्याख्यान‘ के लिए सामान्यतः मानदेय 2000/- रुपये। राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय विख्यात साहित्यकार, कलाकार एवं विद्वान को आवष्यकतानुसार कारण स्पष्ट करते हुए अधिक पारिश्रमिक दिए जाने का अधिकार सचिव अकादमी के प्रस्ताव पर निदेषक, भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश (एवं उपसभापति, अकादमी कार्यकारी परिषद) द्वारा स्वविवेक से लिया जाएगा, जो पांच हज़ार रुपये तक प्रति व्यक्ति से अधिक नहीं होगा। इससे अधिक पारिश्रमिक दिए जाने का निर्णय माननीय मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेष एवं अध्यक्ष अकादमी द्वारा लिया जाएगा।

यात्रा भत्ता एवं अन्य व्यवस्था

  1. आयोजन स्थल के बाहर के स्थानों से आने वाले आमंत्रित साहित्यकारों, कलाकारों एवं विद्वानों को आने-जाने के लिए रेल ए.सी. 2/षताब्दी व अन्य चेयर कार/डीलक्स/ वाॅल्वो/साधारण बस के अथवा साधारण रेल के दो किराए वास्तविक यात्रानुसार देय होंगे। साधारण किराए के अलावा अन्य किराए हेतु कम से कम आने का एक तरफ का टिकट अथवा उसकी फोटोप्रति प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करनी होगी।
  2. उक्त क्रमांक 1 का किराया अकादमी के बजट अनुसार साधारण भी दिया जा सकता है।
  3. आने-जाने हेतु 250 रुपये प्रति दिन की दर से दैनिकी।
  4. आयोजन के दिन अथवा दिनों में वर्किंग लंच/जलपान के अलावा बाहर से तथा स्थानीय आमंत्रित प्रत्येक साहित्यकार-कलाकार को 250/- रुपये प्रतिदिन की दर से दैनिकी दी जाएगी।
  5. आयोजन स्थल के बाहर के साहित्यकारों एवं कलाकारों आदि के लिए आवास-व्यवस्था अकादमी की होगी।
  6. आने- जाने की दैनिकी के अलावा आयोजन स्थल के बाहर के एकल रचना पाठ/ व्याख्यान प्रस्तुत करने वाले आमंत्रित साहित्यकारों-कलाकारों एवं विद्वानों, राष्ट्रीय- अंतर्राष्ट्रीय स्तर के समीक्षक व अध्यक्षता करने वाले साहित्यकारों/ कलाकारों अथवा विद्वानों की आयोजन के दौरान भोजन व्यवस्था अकादमी द्वारा की जाएगी। यह भोजन व्यवस्था कार्यक्रम के दिन/दिनों के अलावा उससे पूर्व की संध्या/दोपहर आदि तथा अगले दिन प्रातः अथवा दोपहर तक मान्य होगी। अतः उन्हें कार्यक्रमों के दिनों की दैनिकी नहीं दी जाएगी।
  7. अंतर्राज्यीय कार्यक्रमों में समस्त आमंत्रित साहित्यकारों-कलाकारों की भोजन व्यवस्था अकादमी द्वारा की जाएगी। अतः उन्हें कार्यक्रम के दिनों की दैनिकी नहीं दी जाएगी।
  8. एकल रचना पाठ/व्याख्यान प्रस्तुत करने वाले विद्वानों, विषेषज्ञों, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के समीक्षकों एवं अध्यक्षता करने वाले साहित्यकार-कलाकार एवं विद्वान को उनके निवास स्थान को देखते हुए एक मुष्त 1000 रुपये तक का वहां का आने-जाने का स्थानीय परिवहन व्यय सचिव अकादमी के विवेकानुसार देय होगा तथा आयोजन स्थल में स्थानीय परिवहन की व्यवस्था अकादमी स्वयं करेगी।
  9. आयोजन स्थल के बाहर के स्थानों से आमंत्रित राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय विख्यात साहित्यकार, कलाकार एवं विद्वान को आवष्यकतानुसार कारण स्पष्ट करते हुए किसी भी प्रकार की टैक्सी/मोटर वाहन में आने-जाने की सुविधा प्रदान की जा सकेगी अथवा अपनी गाड़ी में आने पर हिमाचल प्रदेष सरकार के ए-क्लास अधिकारी के बराबर प्रति किलोमीटर की दर से यात्रा भत्ता देय किया जाएगा, जिसका निर्णय सचिव अकादमी के प्रस्ताव पर निदेषक, भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेष (एवं उप सभापति, अकादमी कार्यकारी परिषद) द्वारा लिया जाएगा। हवाई एयर किराया देने का निर्णय माननीय मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेष एवं अध्यक्ष अकादमी द्वारा लिया जाएगा। ऐसी स्थिति में कम-से-कम आने का एक तरफ़ का हवाई बोर्डिंग पास प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा उक्त विषेषज्ञ के प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने अथवा अकादमी से राषि प्राप्ति की अपनी स्वयं की रसीद देने पर आवास से एयरपोर्ट तक आने-जाने का वास्तविक स्थानीय परिवहन व्यय देय होगा। आयोजन स्थल में स्थानीय परिवहन व्यवस्था अकादमी स्वयं करेगी।
  10. आयोजन स्थल से बाहर के राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकारों-कलाकारों एवं विद्वानों को आवष्यकतानुसार उनके आवास स्थल से अकादमी के वाहन में लाने तथा वापिस छोड़ने का निर्णय भी कारण स्पष्ट करते हुए सचिव अकादमी के प्रस्ताव पर निदेषक, भाषा एवं संस्कृति विभाग (एवं उप सभापति, कार्यकारी परिषद) द्वारा लिया जाएगा।
  11. टैक्सी अथवा अकादमी वाहन द्वारा जब अकादमी का कोई अधिकारी राष्ट्रीय – अंतर्राष्ट्रीय साहित्यकारों-कलाकारों एवं विद्वानों को लाने-छोड़ने के लिए जाएगा, तो उनके भोजन की व्यवस्था अकादमी द्वारा की जाएगी और ऐसी स्थिति में उन्हें दैनिक भत्ता देय नहीं होगा।

विविध नियम

  1. आयोजन के उद्घाटन एवं समापन अवसर पर व आयोजन के अन्य दिनों में समस्त प्रतिभागी लेखकों-कलाकारों, श्रोताओं एवं दर्षकों के लिए जलपान की व्यवस्था अकादमी द्वारा की जाएगी।
  2. पूर्व मद 4 (8) के अलावा अन्य आमंत्रित साहित्यकारों-कलाकारों को आयोजन स्थल पर लाने-छोड़ने आदि की सामान्यतः स्थानीय परिवहन व्यवस्था नहीं होगी, लेकिन विषेष परिस्थितियों में यथा साहित्यकार-कलाकार की अधिक आयु, स्वास्थ्य व कार्यक्रम के स्थान की दूरी आदि को देखते हुए बाहर से आमंत्रित साहित्यकार, कलाकार एवं विद्वान को बस अड्डे से ठहरने के स्थान तक लाने व वापिस छोड़ने, उन्हें व स्थानीय साहित्यकार, कलाकार एवं विद्वान को ठहरने अथवा निवास-स्थान से कार्यक्रम स्थान पर लाने व वापिस छोड़ने के लिए स्थानीय परिवहन व्यवस्था सचिव अकादमी द्वारा स्व विवेक से की जाएगी।
  3. कार्यक्रम के दौरान आमंत्रित साहित्यकारों-कलाकारों एवं विद्वानों को वर्किंग लंच देने के दृष्टिगत श्रोता के रूप में आमंत्रित अन्य विषिष्ट साहित्यकारों, कलाकारों एवं विषिष्ट अतिथियों को भी सचिव अकादमी के स्वविवेक से वर्किंग लंच दिया जा सकेगा।
  4. आयोजन के लिए आमंत्रण तथा प्रचार-प्रसार व अन्य सामान्य प्रयोजन आदि की व्यवस्था अकादमी द्वारा की जाएगी।
  5. अकादमी द्वारा प्रदेष की संस्थाओं व संस्थानों आदि, केंद्रीय अकादमियों, अन्य अकादमियों, प्रदेष के बाहर की संस्थाओं एवं संस्थानों से मिलकर कार्यक्रम आयोजित करने की स्थिति में सचिव अकादमी तथा अन्य संस्था, अकादमी एवं संस्थान आदि से विचार – विमर्ष कर वित्तीय स्थिति के अंतर्गत समय-समय पर तय किया जाएगा कि किस-किस मद पर कौन व्यय करेगा।
  6. संस्था का किसी भी संप्रदाय अथवा राजनीति से सीधा संबंध नहीं होना चाहिए।
  7. नवोदित साहित्यकारों व कलाकारों की पात्रता सचिव अकादमी द्वारा तय की जाएगी।

नियमों में संषोधन

इन नियमों में संषोधन करने का अधिकार कार्यकारी परिषद् का होगा।