साहित्य पुरस्कार योजना नियम

उद्देश्य

  1. हिमाचल प्रदेश के प्रतिभावान साहित्यकारों को पुरस्कृत करना।
  2. हिमाचल प्रदेश के लेखकों को हिन्दी, संस्कृत, पहाड़ी (हिमाचली), अंग्रेजी तथा उर्दू
    भाषाओं में उत्कृष्ट साहित्य रचना के लिए प्रोत्साहन देना।

पुरस्कार

इस योजना के अंतर्गत हिमाचल अकादमी की ओर से साहित्य के लिए प्रतिवर्ष निम्नलिखित कुल सात पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। संस्कृत, पहाड़ी, उर्दू व अंग्रेजी भाषाओं की सभी विधाओं (हिंदी साहित्य पुरस्कार की विधाओं की तरह) को मिलाकर हर भाषा में एक-एक पुरस्कार दिया जाएगा, क्योंकि इन विधाओं में पुस्तकें बहुत कम आती हैं।

  1. हिन्दी साहित्य का कविता पुरस्कार।
  2. हिन्दी साहित्य का गद्य पुरस्कार (कहानी, नाटक, उपन्यास)।
  3. हिन्दी साहित्य का विविध विधा पुरस्कार (निबंध, यात्रा संस्मरण, रिपोर्ताज, अनुवाद, बाल
    साहित्य तथा कला, संस्कृति एवं इतिहास आदि)।
  4. संस्कृत साहित्य पुरस्कार।
  5. पहाड़ी (हिमाचली) साहित्य पुरस्कार।
  6. उर्दू साहित्य पुरस्कार।
  7. अंग्रेजी साहित्य पुरस्कार।
    विवरण
    अनुवाद कार्य देष व विदेष की मूल भाषा अथवा बोली से होना चाहिए।

पुरस्कार राषि एवं अलंकरण

  1. प्रत्येक पुरस्कार की राषि 51000/- रुपए होगी।
  2. प्रत्येक पुरस्कृत साहित्यकार को अंगवस्त्र (सम्मान वस्त्र) शाल, टोपी से अलंकृत किया जाएगा।
  3. पुरस्कार प्रतीक (जिस पर लेखक व पुरस्कार का नाम अंकित होगा) पुरस्कृत लेखक को दिया जाएगा।

विज्ञापन

  1. अकादमी साहित्य पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित करने हेतु तीन प्रमुख समाचार पत्रों में
    विज्ञापन प्रकाषित किया जाएगा।
  2. इन पुरस्कारों के लिए पात्र लेखकों की पुरस्कार वर्ष से केवल पिछले एक वर्ष में प्रकाषित पुस्तकें विज्ञापन द्वारा विचारार्थ आमंत्रित की जाएंगी। यदि इससे पिछले वर्षों के पुरस्कार किसी कारण न दिए जा सके हों तो उस अवधि की पुस्तकें भी एक साथ शामिल करने हेतु आमंत्रित की जा सकेंगी।
  3. घोषित अंतिम तिथि के बाद प्राप्त पुस्तकें स्वीकार्य नहीं होंगी।

पुरस्कार योजना संचालन नियम

  1. हिन्दी के प्रत्येक पुरस्कार के लिए संवीक्षण के उपरांत समीक्षार्थ निर्णय हेतु कम से कम
    दस पुस्तकें अनिवार्य होंगी।
  2. उर्दू, पहाड़ी, अंग्रेजी और संस्कृत भाषाओं के पुरस्कारों के लिए संवीक्षण के उपरांत समीक्षार्थ चयनित पुस्तकों की न्यूनतम संख्या पांच होगी।
  3. संवीक्षा न्यूनतम संख्या पूरी होने पर या निम्न 7(4) मद के अंतर्गत करवाई जाएगी।
  4. किसी भी भाषा में चयनित पुस्तकों की निर्धारित संख्या कम रहने पर उस वर्ष वह पुरस्कार स्थगित करके उन चयनित पुस्तकों को आगामी वर्ष के लिए समीक्षार्थ रखा जाएगा तथा यह अवधि उक्त स्थगित किए गए पुरस्कार वर्ष को मिलाकर अधिकतम तीन वर्ष होगी और इस तीसरे वर्ष भी निर्धारित संख्या पूरी न होने पर इसी तीसरे वर्ष में पुस्तकों की जितनी भी संख्या बेषक एक ही हो, उन्हें नियमानुसार संवीक्षा एवं निर्णायक मंडल को समीक्षार्थ भेज कर अन्य नियमानुसार पुरस्कृत किया जा सकेगा।

लेखक और पुस्तक की पात्रता

  1. बोनाफाईड हिमाचली लेखक इस योजना में भाग लेने के पात्र होंगे।
  2. विज्ञापन प्रकाषित करने से पूर्व प्राप्त पुस्तकें भी इस योजना के अंतर्गत शामिल की जाएंगी।
  3. अकादमी तथा भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेष के पदस्थों के कार्यरत रहने की अवधि तक उनकी पुस्तकें सम्मान के लिए स्वीकार्य नहीं होंगी।
  4. प्रविष्टि हेतु पुस्तक पर लेखक का नाम, प्रकाषन वर्ष, संस्करण, मूल्य आदि स्पष्ट रूप से प्रकाषित होना चाहिए। क्योंकि लेखक स्वयं भी अपनी पुस्तकें छापते हैं, अतः आई.एस. बी.एन. नंबर अनिवार्य नहीं होगा।
  5. खंडों में प्रकाषित, चयनित संकलन या संपादित तथा पूर्व प्रकाषित पुस्तकों के आगामी
    संस्करण इस योजना में स्वीकार्य नहीं हांेगे।
  6. किसी भी विष्वविद्यालय की एम.फिल., पी-एच.डी. या इसी तरह की किसी उपाधि के लिए
  7. लिखा गया शोधप्रबन्ध पूर्ण, आंषिक, संपादित, संषोधित रूप में भी इस पुरस्कार योजना में मान्य नहीं होगा।
  8. किसी सरकार या संस्थान द्वारा स्वीकृत परियोजना अनुदान के अंतर्गत प्रकाषित पुस्तकें भी
    इस योजना में स्वीकार्य नहीं हांेगी।
  9. एक लेखक की एक विधा में एक से अधिक पुस्तकें प्राप्त होने पर उनमें से किसी एक ही पुस्तक का चयन संवीक्षण समिति द्वारा समीक्षा के लिए किया जाएगा, जबकि किसी अन्य विधा में उस लेखक की दूसरी पुस्तक समीक्षा के लिए शामिल की जा सकेगी, लेकिन पुरस्कार एक ही विधा में मिलेगा।

संवीक्षण समिति

निर्णायक मंडल को समीक्षार्थ भेजने से पहले पुस्तकों के आकार- प्रकार के आधार पर संवीक्षण समिति द्वारा पुस्तकों को चयनित किया जाएगा। निम्नलिखित सदस्यों की संवीक्षण समिति होगी-

  1. निदेषक, भाषा-संस्कृति एवं उपसभापति अकादमी अध्यक्ष
  2. प्राप्त प्रविष्टियों को देखते हुए हिन्दी, पहाड़ी, संस्कृत, उर्दू, अंग्रेज़ी भाषाओं के विषेषज्ञ विद्वान, राज्य सम्मान/अकादमी पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार या अकादमी की कार्यकारी परिषद्, सामान्य परिषद में से सम्बंधित साहित्य विधा के विद्वान्। (इनका मनोनयन निदेषक (भाषा-संस्कृति) एवं उपसभापति अकादमी द्वारा सचिव अकादमी के प्रस्ताव पर किया जाएगा) अधिकतम 4 सदस्य
  3. सचिव अकादमी सदस्य सचिव

पुरस्कार के लिए प्राप्त पुस्तकों के लेखक तथा उनके निकट संबंधी को इस चयन समिति मेंशामिल नहीं किया जाएगा।

निर्णायक मंडल

  1. प्रत्येक पुरस्कार के लिए निर्णायक मंडल में सामान्यतः प्रदेष के बाहर के तीन साहित्यकार/ विद्वान् सदस्य होंगे।
  2. निर्णायक मंडल में निम्न प्रकार से योग्यता प्राप्त साहित्यकार रखे जाएंगे –
    क. केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार।
    ख. ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार।
    ग. अकादमी के षिखर सम्मान से सम्मानित साहित्यकार।
    घ. अन्य राष्ट्रीय स्तर के साहित्य पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार।
    ड. विभिन्न प्रांतों के राज्य सम्मान तथा राज्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार।
    च. अन्य राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित साहित्यकार ।
    छ. पहाड़ी भाषा के पुरस्कार हेतु निर्णायक मंडल में उपरोक्त स्तर के ऐसे हिमाचली हिन्दी/पहाड़ी साहित्यकार/विद्वान् रखे जाएंगे, जो पहाड़ी भाषा जानते हों।
    ज. प्रत्येक पुरस्कार के निर्णायक मंडल के लिए साहित्यकारों एवं विद्वानों के पांच-पांच नामों का पैनल सचिव अकादमी द्वारा नियमित रूप से माननीय मुख्यमंत्री एवं अध्यक्ष अकादमी को प्रस्तुत किया जाएगा, जो तीन सदस्यों वाले निर्णायक मंडल के गठन का अनुमोदन करेंगे।

निर्णायक मंडल का मानदेय

  1. निर्णायक मंडल के प्रत्येक सदस्य को समीक्षा एवं टिप्पणी सहित निर्णय के लिए एक पुस्तक पर 500 रुपए का मानदेय दिया जाएगा।
  2. पुस्तकंे भेजने के लिए डाक-व्यय अकादमी द्वारा वहन किया जाएगा और पुस्तकें वापिस मंगवाना
    अनिवार्य नहीं होगा।

निर्णय प्रक्रिया

  1. निर्णायक मंडल को सचिव अकादमी द्वारा पुस्तकों के साथ टिप्पणी आदि व अंक अंकित करने के लिए निर्धारित प्रपत्र भेजा जाएगा।
  2. पुरस्कार प्राप्त करने के लिए तीन निर्णायकों के अंकों की न्यूनतम ओैसत 60 प्रतिषत होनी चाहिए।
  3. पुरस्कार के लिए अंततः दो लेखकों की बराबरी की स्थिति बनने पर लेखक के समग्र योगदान एवं साहित्य के क्षेत्र में विषिष्ट उपलब्धियों के आधार पर एक लेखक/पुस्तक का चयन किया जाएगा,
    जिसकी अंतिम स्वीकृति अकादमी अध्यक्ष द्वारा प्रदान की जाएगी।
  4. दो विधाओं में एक ही लेखक के मैरिट मंे सर्वोच्च अंक प्राप्त करने की स्थिति में लेखक को उस एक ही पुस्तक पर पुरस्कार दिया जाएगा, जिस में अंक की प्रतिषतता अधिक होगी। इस स्थिति में उस विधा में अन्य पुरस्कार दूसरा स्थान पाने वाले लेखक को तभी दिया जा सकेगा जब वह न्यूनतम 60 प्रतिषत अंकों की शर्त पूर्ण करता हो।
  5. परिणाम सचिव अकादमी द्वारा खोले एवं संकलित किए जाएंगे।

पुरस्कारों की स्वीकृति

निर्णायक मंडल का निर्णय प्राप्त होने के बाद नियमानुसार मैरिट सूची के आधार पर पुरस्कारों की अंतिम स्वीकृति माननीय मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेष एवं अध्यक्ष अकादमी प्रदान करेंगे।
तदुपरांत पुरस्कार घोषित किए जाएंगे।

पुरस्कार समारोह

  1. साहित्यकारों को अकादमी द्वारा आयोजित एक शालीन समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा।
  2. समारोह के दौरान पुरस्कृत साहित्यकार व उनके एक अन्य सम्बंधी को भोजन व्यवस्था के अलावा यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता, स्थानीय परिवहन व्यय, आयोजन स्थल में परिवहन एवं आवास व्यवस्था आदि साहित्यिक आयोजन नियम मद 4 (1 से 5 तथा 8 से 11) के अनुसार होगी।
  3. समारोह के दिन सामूहिक जलपान अथवा भोजन की व्यवस्था अकादमी द्वारा की जाएगी, जिसमें पुरस्कृत साहित्यकार उनके परिजन, अकादमी सदस्य, पूर्व पुरस्कृत एवं अन्य आमंत्रित साहित्यकार-कलाकार तथा अन्य विषिष्ट अतिथि भी आमंत्रित होंगे।
  4. आयोजन के लिए आमंत्रण तथा प्रचार-प्रसार आदि की व्यवस्था अकादमी द्वारा की जाएगी।

विविध नियम

  1. दिवंगत साहित्यकार की प्रविष्टि शामिल नहीं होगी, लेकिन किसी जीवित साहित्यकार की प्रविष्टि प्राप्त होने के बाद उसका देहांत हो जाने पर उस दिवंगत साहित्यकार का पुरस्कार उनके कानूनी वारिस को दिया जाएगा।
  2. पुरस्कार के लिए किसी तरह के प्रचार या प्रभाव के इस्तेमाल की बात विष्वसनीय रूप से साबित होने पर उस लेखक को पुरस्कार के अयोग्य करार दिया जाएगा।
  3. पुरस्कार के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का विवाद होने की स्थिति में अध्यक्ष अकादमी का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा तथा अध्यक्ष अकादमी को किसी भी पुरस्कार को स्थगित या निरस्त करने का अधिकार होगा।
  4. एक विधा में पुरस्कार प्राप्त करने पर उस लेखक को दोबारा उसी विधा में 5 वर्ष बाद पुरस्कार दिया जा सकेगा, लेकिन अन्य विधा में तीन साल बाद पुरस्कार हेतु उसकी पुस्तक विचारार्थ शामिल की जा सकेगी।

नियमों में संषोधन

पुरस्कार नियमों में संषोधन करने का अधिकार कार्यकारी परिषद का होगा।