स्वैच्छिक संस्थाओं को वित्तीय अनुदान योजना नियम

उद्देश्य

  1. हिमाचल प्रदेश की पंजीकृत अव्यावसायिक स्वैच्छिक संस्थाओं को कला, संस्कृति, भाषा एवं साहित्य से संबंधित आयोजनों के लिए वित्तीय अनुदान प्रदान करना।
  2. हिमाचल प्रदेश के लोगों द्वारा गठित, हिमाचल प्रदेश से बाहर कार्यरत एवं पंजीकृत अव्यावसायिक संस्थाओं को कला, संस्कृति, भाषा तथा साहित्य से संबंधित आयोजनों के लिए वित्तीय अनुदान प्रदान करना।
  3. हिमाचल प्रदेश से बाहर से अव्यावसायिक पंजीकृत स्वैच्छिक संस्थाओं को हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक लोक कलाओं, लोक संस्कृति, पहाड़ी भाषा और लोक साहित्य से संबंधित आयोजनों के लिए वित्तीय अनुदान प्रदान करना।
  4. उक्त क्रमांक 1 व 2 के अंतर्गत पंजीकृत संस्थाओं को निष्पादन कलाओं की प्रस्तुति के संदर्भ में हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक वेषभूषा तथा लोक वाद्य यंत्रों की खरीद के लिए वित्तीय अनुदान प्रदान करना।

अनुदान की राशि

अकादमी की वित्तीय स्थिति के अनुसार कार्यक्रम के स्तर को देखते हुए सचिव अकादमी द्वारा अधिकतम रु. 25000/- तक वित्तीय अनुदान दिया जा सकेगा।

प्रक्र्रिया

  1. संस्था को अकादमी द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर कार्यक्रम की रूपरेखा, अनुमानित व्यय आदि सहित आवेदन सामान्यतः एक मास पूर्व करना होगा।
  2. सामान्यतः उसी पंजीकृत संस्था को अनुदान दिया जाएगा, जिसने गत तीन वर्षों तक कला, संस्कृति, भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में कार्य किया हो, जिसका उल्लेख आवेदन पत्र में करना होगा।
  3. अनुदान वित्तीय वर्ष में एक बार ही दिया जाएगा।
  4. पारंपरिक वेषभूषा एवं लोक वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए पंजीकृत संस्थाओं को केवल एक बार वित्तीय अनुदान दिया जाएगा। जिस वर्ष उक्त प्रयोजन के लिए वित्तीय अनुदान दिया जाएगा, उस संस्था को उस वर्ष अन्य कार्यक्रम के लिए वित्तीय अनुदान स्वीकृत नहीं होगा, लेकिन अन्य वर्षों में उन्हें कार्यक्रमों के लिए वित्तीय अनुदान दिया जा सकेगा।
    वित्तीय अनुदान स्वीकृत करने के लिए निम्नलिखित बिन्दुओं पर विचार किया जाएगा:-

क. कार्यक्रमों के लिए

1. सामान्यतः संस्था की गत वर्षों की गतिविधियां
2. विषेषतः प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रम की गुणवत्ता
3. कार्यक्रम की सृजनात्मकता


ख. पारंपरिक वेषभूषा एवं लोक वाद्य यंत्रों की खरीद के लिए वित्तीयानुदान

  1. सामान्यतः संस्था की गत वर्षों की गतिविधियां।
  2. संस्था के लिए उपरोक्त खरीद की वर्तमान तथा भविष्य में उपयोगिता
  3. जिस वर्ष उक्त खरीद के लिए वित्तीयानुदान दिया जाना विचाराधीन होगा,उस वर्ष संस्था द्वारा आयोजित की गई व की जा रही गतिविधियों का विवरण।
  4. स्वीकृत राशि की अदायगी दो किष्तों में की जाएगी। प्रथम किष्त 50 प्रतिषत अग्रिम तथा शेष 50 प्रतिषत राशि कार्यक्रम सम्पन्न होने तथा कृत कार्यक्रम एवं व्यय का ़वास्तविक विवरण तथा उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद दी जाएगी।
  5. संस्था को कार्ड, बैनर तथा प्रचार-प्रसार में अकादमी द्वारा प्रदत्त अनुदान से संबंधित कार्यक्रम आदि का उल्लेख करना होगा। अनुदान राशि का उल्लेख अनिवार्य नहीं होगा।
  6. आवेदन पत्र में विवरण सही न होने तथा पात्रता की शर्तें पूर्ण न करने पर सचिव अकादमी को आवेदन अस्वीकृत करने का अधिकार होगा।
  7. अनुदान राशि उसी प्रयोजन के लिए व्यय की जाएगी, जिसके लिए अनुदान स्वीकृत किया गया है, अन्यथा अनुदान का सही उपयोग न होने पर सचिव अकादमी को दूसरी किष्त की अदायगी रद्द करने तथा प्रथम किष्त की जारी अग्रिम राशि वापिस लेने का अधिकार होगा।
  8. संस्था को कार्यक्रम का आयोजन एवं स्वीकृत राशि का व्यय उसी वित्त वर्ष में करना होगा। अनुदान का उपयोग निर्धारित वित्त वर्ष के बाद अगले वित्त वर्ष में करने पर सचिव अकादमी की स्वीकृति प्राप्त करनी होगी।
  9. संस्था का किसी भी संप्रदाय अथवा राजनीति से सीधा संबंध नहीं होना चाहिए
  10. वित्तीय अनुदान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में संविधान, सरकार तथा अकादमी के उद्देश्यों के विपरीत कोई कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, ऐसा घोषणा पत्र संस्था को देना होगा।
  11. कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद एक मास के भीतर संस्था को कार्यक्रम एवं वास्तविक व्यय विवरण, अकादमी द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर उपयोगिता प्रमाण पत्र, प्रैस कतरनें आदि अकादमी कार्यालय को देनी हांेगी।

नियमों में संषोधन

इन नियमों में संषोधन करने का अधिकार कार्यकारी परिषद का होगा।